पैगम्बर मुहम्मद साहब मुसलमानों के ही नहीं सारी मानवता के रहनुमा हैं

निज़ामाबाद, मुस्लिम मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (MSO) ऑफ इंडिया के छटवें सभा शान – ए-रसूल ﷺ आयोजित किया गया.जिस  में हजारों उर्दू, तेलुगु और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों ने भाग लिया.जलसे में पिछले महीने आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं को पुरस्कार दिये गये.जलसे से शहर के विभिन्न बुद्धिजीवियों और विद्वानों ने  संबोधित किया.

मौलाना शाहिद रजा  ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम की मूल ज्ञान और प्रक्रिया हैं .नबी करीम (स.अ.व.) ने हमें गोद से कब्र तक इल्म हासिल करने की प्रेरणा दी।

जलसे को संबोधित करते हुए मुफ्ती शहर और खतीब व इमाम मरकजे अहले सुन्नत  मुफ्ती अकबर मिस्बाही जिया ने कहा कि आधुनिक दौर में सभी संयुक्त सांसारिक ज्ञान प्राप्त करते हुए भी अपनी संस्कृति और व्यक्तित्व को बाकी रखे हुए हैं .मुस्लिम इस स्थान पर  बहुत पीछे होते जा रहे हैं। जहां हम ने  सांसारिक ज्ञान से अपना नाता तोड़ दिया वहीं हम ने इस्लामी अध्ययन से भी किनारा कर लिया है .जिस के  कारण हम सही रूप में इस्लामी शिक्षाओं को लोगों  तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं.

सभा को संबोधित करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष  डॉक्टर रवींद्रनाथ सूरी साहब ने कहा कि आज का यह सभा इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद के सम्मान में रखा गया है. इस्लाम ने संसार को सार्वभौमिक दोस्ती व  भाईचारे का पाठ दिया है.

उन्होंने कहा कि  क्या कारण है कि आज मुसलमान बहुत आर्थिक पिछड़ेपन का शिकार हैं। उन्होंने सधीरकमेशन का हवाला देते हुए कहा कि उन सभी आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का हल शिक्षा में है। यह सब शिक्षा से दूरी का कारण है .

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